Myanmar earthquake many died man lost 170 members of family.

वो रमजान के महीने का आखिरी जुमा था, जब म्यांमार में भयानक भूंकप ने दस्तक दी, मुसलमान दोपहर के समय जुमा की नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद जा रहे थे, कुछ लोग मस्जिदों में कतारों में खड़े नमाज अदा कर रहे थे. जब तेज झटके सभी ने महसूस किए, सभी कांपने लगे और कुछ ही सेकेंड में सभी की दुनिया पूरी तरह से हिल गई. जैसे ही भूकंप थमा, तब तक कई मस्जिदें क्षतिग्रस्त हो गई, कई बिल्डिंग ढह गई और पूरे देश में तबाही मच गई. इस भूकंप में एक शख्स ने अपने परिवार के एक-दो नहीं बल्कि 170 लोगों को खो दिया.

शुक्रवार को सागांग में आजान की आवाज आई, सैकड़ों मुसलमान सेंट्रल म्यांमार की 5 मस्जिदों में जमा हुए. फिर, स्थानीय समयानुसार 12:51 (06:21 GMT) पर भयानक भूकंप ने देश में दस्तक दी. इन तेज झटकों में तीन मस्जिदें ढह गईं, जिनमें सबसे बड़ी मस्जिद मायोमा भी शामिल थी, मस्जिद के अंदर नमाज अदा कर रहे कई लोगों की मौत हो गई.

परिवार के 170 लोगों को खोया

मायोमा मस्जिद से सैकड़ों किलोमीटर दूर, मायोमा के पूर्व इमाम सो नेय ऊ ने थाई सीमावर्ती शहर माए सोत में भूकंप के झटके महसूस किए. उन्हें बाद में जानकारी मिली की इस जलजले ने उनके जीवन में भारी तबाही मचाई है. उन्हें पता लगा कि उनके 170 रिश्तेदारों ने इस भूकंप में दम तोड़ दिया है.

उन्होंने बताया, मैं उन सभी लोगों के बारे में सोचता हूं जिन्होंने इस भूकंप में अपनी जान गंवाई और पीड़ितों के बच्चों के बारे में, उन में से कई बच्चे काफी छोटे हैं और वो इस छोटी उम्र में अपने माता-पिता को खो चुके हैं. वो अपने आंसू पर काबू नहीं रख पा रहे थे और अपनों को खोने का दर्द उनकी आंखों से साफ छलक रहा था.

म्यांमार में मची तबाही

म्यांमार के शहर सागांग और मांडले के पास आए भूकंप में 2,700 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, अभी भी बचाव अभियान जारी है. सागांग प्राचीन बौद्ध मंदिरों के लिए जाना जाता है, यहां पर बड़ी संख्या में मुस्लिम आबादी भी है. सोमवार को देश के नेता मिन आंग ह्लाइंग ने बताया कि अनुमानित 500 मुसलमानों की मस्जिदों में नमाज अदा करते समय मौत हो गई.

सागांग में प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मायोमा स्ट्रीट, जिस सड़क पर मस्जिदें थीं, वो शहर में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है. सड़क पर कई घर भी ढह गए हैं. घर ढहने के बाद अब लोग सड़कों पर रहने के लिए मजबूर हो गए हैं. सैकड़ों लोग सड़क के किनारे रह रहे हैं. साथ ही जिनके घर बच भी गए हैं वो भूकंप के झटकों से इतने ज्यादा दहशत में आ गए हैं कि वो घरों में वापस जाने से भी डर रहे हैं. मायोमा मस्जिद में 60 से ज्यादा लोग मलबे के नीचे दब कर मर गए हैं. जबकि मायोडॉ और मोएक्या मस्जिदों में कई लोगों की मौत हो गई थी.

म्यांमार में 28 मार्च को भयानक भूकंप ने दस्तक दी, इसकी तीव्रता 7.7 थी. जोकि काफी ज्यादा होता है और इस भूकंप ने इतनी ही ज्यादा तबाही मचाई. जहां मृतकों का आंकड़ा अब तक 2 हजार से ज्यादा हो गया है. वहीं, अभी भी बचाव अभियान जारी है और मौत का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

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